हरदा में बढ़ा विवाद: करणी सेना जिला अध्यक्ष की फेसबुक पोस्ट पर भड़की भीम आर्मी, जातिगत वैमनस्य फैलाने का आरोप…
अखिलेश बिल्लोरे, हरदा

हरदा:- जिले में सोशल मीडिया पर किए गए एक विवादित पोस्ट ने जातिगत तनाव की स्थिति पैदा कर दी है। करणी सेना के जिला अध्यक्ष सुनील सिंह राजपूत द्वारा फेसबुक पर की गई टिप्पणी को लेकर भीम आर्मी और अन्य सामाजिक संगठनों में गहरा रोष है। उनका आरोप है कि सुनील सिंह ने अपने पोस्ट में भीम आर्मी और नीले रंग को लेकर अपमानजनक टिप्पणी की है, जो जिले में जातिगत वैमनस्य फैलाने की कोशिश है। इस मामले को लेकर भीम आर्मी और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति जनजाति युवा संघ के पदाधिकारियों ने हरदा में उप पुलिस अधीक्षक एवं कलेक्टर के नाम संयुक्त कलेक्टर सतीश राय को ज्ञापन सौंपा और आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन सौंपने पहुंचे संभागीय अध्यक्ष राहुल पवारे एवं महेंद्र काशिव(संभागीय अध्यक्ष)भीम आर्मी ने कहा कि भीम आर्मी हमेशा गरीब, वंचित और दलित समाज के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्षरत रही है। संगठन किसी भी धर्म, समाज या वर्ग के खिलाफ नहीं है। इसके बावजूद करणी सेना जिला अध्यक्ष द्वारा सोशल मीडिया पर जानबूझकर की गई टिप्पणी का उद्देश्य समाज में नफरत फैलाना और भाईचारे को तोड़ना है। पवारे ने कहा कि “सुनील सिंह राजपूत ने भीम आर्मी को “नीला कबूतर” कहकर न केवल संगठन का मजाक उड़ाया बल्कि अनुसूचित जाति और जनजाति समाज का भी सार्वजनिक अपमान किया है।”
महेंद्र काशिव जो कि भीम आर्मी के संभागीय अध्यक्ष है, के द्वारा भी आरोप लगाया कि बहुजन समाज को नफरती गैंग कहा है। जिससे पूरे बहुजन समाज को अपमानित करने की बात कही है। इस तरह की टिप्पणियाँ जिले में जातीय वैमनस्य पैदा करने वाली हैं और प्रशासन को इस पर तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। ज्ञापन में मांग की गई है कि उक्त व्यक्ति के खिलाफ आईटी एक्ट और एससी/एसटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति समाज में नफरत फैलाने का दुस्साहस न कर सके।
भीम आर्मी और अन्य सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि उनका संगठन शांति, भाईचारे और संविधान की मर्यादा में रहते हुए काम करता है, लेकिन बार-बार इस तरह की अपमानजनक टिप्पणियाँ समाज में अशांति फैलाने का प्रयास करती हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन बड़े आंदोलन की राह अपनाने को मजबूर होगा।
मामले को लेकर पुलिस प्रशासन ने ज्ञापन प्राप्त कर जांच की बात कही है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस संबंधित फेसबुक पोस्ट की जांच कर रही है और साइबर टीम को भी मामले की जानकारी दे दी गई है।
हरदा जिले में यह विवाद सोशल मीडिया से शुरू होकर अब सामाजिक और राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। स्थानीय स्तर पर कई संगठनों ने शांति बनाए रखने की अपील की है, ताकि मामला किसी भी रूप में हिंसक न हो। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी शीघ्रता से कार्रवाई करता है और जिले में सद्भाव का वातावरण बनाए रखता है।
ज्ञापन सौपते समय अनुसूचित जाति जनजाति युवा संघ के नेता राहुल पवारे, महेंद्र काशिव संभागीय अध्यक्ष भीम आर्मी, राम ओसले, देवी सिंह परते एवं अन्य लोग मौजूद थे।


