हीरापुर पहाड़ी में अवैध मुरूम उत्खनन, कलेक्टर से सख्त कार्रवाई की मांग…
खनन माफिया पर मेहरबानी, आदिवासी ग्रामीणों पर सख्ती का आरोप…
रात के अंधेरे में पहाड़ी खोखली, गोचर भूमि तबाह…
खनिज विभाग पर मिलीभगत के गंभीर आरोप, भारत आदिवासी पार्टी ने सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष जांच की मांग…

अखिलेश बिल्लौरे मो:-9425638014

हरदा:- जिले की तहसील हंडिया अंतर्गत ग्राम हीरापुर स्थित पहाड़ी (खसरा नंबर 138/1) में लंबे समय से चल रहे अवैध मुरूम उत्खनन का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। भारत आदिवासी पार्टी के जिला अध्यक्ष देवीसिंह परते ने इस गंभीर प्रकरण को लेकर माननीय जिला कलेक्टर को आवेदन सौंपते हुए उच्च स्तरीय जांच एवं दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।

देवीसिंह परते ने आरोप लगाया कि खनन माफिया रात के अंधेरे और घने कोहरे का फायदा उठाकर जेसीबी मशीन व डंपरों से अवैध रूप से मुरूम का उत्खनन कर रहे हैं। 4 जनवरी 2026 की सुबह भी कोहरे के बीच खनन जारी था। सूचना देने के बावजूद खनिज विभाग के जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे, जिससे माफिया मशीनें लेकर फरार हो गया। जब ग्रामीण मौके पर पहुंचे, तो पहाड़ी में गहरे गड्ढे और भारी तबाही के निशान मिले।

आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि हीरापुर, बागरुल और कुर्सियां गांवों की मवेशियों की गोचर भूमि पूरी तरह नष्ट हो चुकी है, जिससे पशुपालकों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। आदिवासी बहुल क्षेत्र की यह पहाड़ी प्राकृतिक संपदा और आजीविका का आधार है, जिसे अवैध खनन से अपूरणीय पर्यावरणीय क्षति पहुंच रही है।

देवीसिंह परते ने दोहरे मापदंड का आरोप लगाते हुए कहा कि जहां माफियाओं को संरक्षण मिल रहा है, वहीं गरीब आदिवासी ग्रामीण अपनी जरूरत के लिए मुरूम लाने पर कार्रवाई का शिकार बनते हैं। उन्होंने अवैध खनन पर तत्काल रोक, दोषी अधिकारियों व माफियाओं पर एफआईआर, निलंबन, गोचर भूमि की बहाली और स्थायी निगरानी व्यवस्था लागू करने की मांग की है।
इधर ग्राम हीरापुर के सरपंच साधना मनीष व्यास का कहना है कि उन्होंने भी संबंधित विभाग को शिकायत की है। लेकिन कार्रवाई नहीं होने के कारण देख ग्राम वासियों को जवाब देने में सक्षम साबित नहीं हो पा रही हैं। लेकिन वे ग्राम वासियों को विश्वास दिलाती है कि जल्द ही कार्यवाही के लिए कलेक्टर साहब तक पहुंचेगी।


