अखिलेश बिल्लौरे मो :- 9425638014
हरदा :- मध्यप्रदेश अनुसूचित जाति-जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ (AJJAKS) जिला हरदा ने शुक्रवार कों मुख्यमंत्री के नाम अपर कलेक्टर पुरुषोत्तम कुमार को ज्ञापन सौंपते हुए स्पष्ट कहा कि IAS संतोष वर्मा के उद्बोधन के साथ सुनियोजित साज़िश की गई है। संघ ने बताया कि 23 नवंबर को भोपाल में हुए अजाक्स प्रांतीय अधिवेशन में वर्मा ने सामाजिक समरसता, जातिगत भेदभाव खत्म करने और “रोटी-बेटी संबंधों के माध्यम से सामाजिक एकता” को बढ़ावा देने वाली प्रेरणादायी बात कही थी। लेकिन दलित-आदिवासी विरोधी मानसिकता वाले तत्वों ने इस सकारात्मक भाषण को विकृत कर समाज में भ्रम फैलाने का प्रयास किया।
बिना तथ्य-जांच नोटिस—अजाक्स ने सरकार की कार्रवाई को बताया असंवैधानिक, अनुच्छेद 14, 15(4), 16(4) का उल्लंघन
संघ ने प्रदेश शासन द्वारा बिना तथ्य-जांच तत्काल नोटिस जारी करने को गंभीर प्रशासनिक त्रुटि बताते हुए कहा कि यह संविधान के सामाजिक न्याय संबंधी प्रावधानों के खिलाफ है। अजाक्स ने चेतावनी दी कि यह घटना सिर्फ एक अधिकारी पर कार्रवाई नहीं, बल्कि पूरे SC/ST समाज की आवाज़ को दबाने का प्रयास है। संघ ने स्पष्ट कहा कि वर्मा का भाषण वास्तविक सामाजिक असमानताओं को दिखाने वाला था, न कि किसी समूह विशेष के विरुद्ध। इसलिए उनके खिलाफ की गई कार्रवाई तुरंत रद्द की जानी चाहिए।
दैनिक भास्कर पर संघ का हमला—भ्रामक रिपोर्टिंग बंद नहीं हुई तो SC/ST समाज करेगा बहिष्कार
प्रेस नोट में अजाक्स हरदा ने दैनिक भास्कर को कठघरे में खड़ा करते हुए इसे “पक्षपातपूर्ण, समाज-विरोधी और भ्रामक मीडिया ट्रायल का केंद्र” बताया। संघ ने घोषणा की कि यदि भास्कर अपनी गलत रिपोर्टिंग पर रोक नहीं लगाता, तो प्रदेश का 36% SC/ST समाज उसका लोकतांत्रिक बहिष्कार और राज्यव्यापी विरोध अभियान चलाएगा।
अजाक्स जिला अध्यक्ष सुनील चौरे, एससी एसटी युवा संघ प्रदेश अध्यक्ष राहुल पवारे,,भीम आर्मी संभागीय अध्यक्ष महेंद्र काशिव मेहरा, ओबीसी महासभा युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष प्रवीण गुर्जर, देवदयाल सिंगोरे,पूनमचंद घाटे, एससी एसटी युवा संघ जिला अध्यक्ष मंगलेश कुमार,रमेश पटेल,गोलू भवरे, डॉ.प्रेमनारायण इवने, पंचम उईके, महेश बामने, रामचरण लौंगरे,,जोहन सिंह परते, रमेश पटेल, आनंद मेहरा, देवेंद्र सावनेर, पंकज सैंडे, नेमीचंद कासदे, मुकेश दमाडे,,प्रवीण ओनकर,सचिन बिले आदि सैकड़ों की तादाद में मौजूद रहे।
कार्रवाई रद्द करो, दोषियों पर FIR करो, मीडिया ट्रायल बंद करो।



