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अखिलेश बिल्लौरे मो :- 9425638014
हरदा :- जिले में एससी-एसटी सामाजिक संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में आईएएस अधिकारी एवं अजाक्स के प्रांताध्यक्ष संतोष वर्मा के विरुद्ध की गई कार्रवाई के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया गया। सोमवार शाम करीब 5 बजे बड़ी संख्या में अनुसूचित जाति एवं जनजाति समाज के पदाधिकारी व कार्यकर्ता एकत्रित हुए और तहसीलदार राजेंद्र पवार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में संगठनों ने आरोप लगाया कि 23 नवंबर 2025 को आयोजित मध्यप्रदेश अजाक्स के प्रांतीय अधिवेशन में संतोष वर्मा द्वारा दिया गया उद्बोधन सामाजिक समरसता, सद्भाव और संविधान आधारित था, जिसे कुछ समाज विरोधी तत्वों द्वारा जानबूझकर तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया गया। वक्ताओं ने कहा कि श्री वर्मा का भाषण बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की विचारधारा से प्रेरित था, जिसमें जातिवाद उन्मूलन और मानवता को सर्वोपरि रखने का संदेश दिया गया था।
संगठनों ने शासन द्वारा बिना निष्पक्ष जांच के जारी कारण बताओ नोटिस को मनमानी कार्रवाई बताते हुए इसे संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 16, 21, 38 एवं 46 के विपरीत बताया। साथ ही एक विशेष समाचार पत्र पर पक्षपातपूर्ण मीडिया ट्रायल करने और दलित-आदिवासी मुद्दों को गलत ढंग से प्रस्तुत करने का आरोप लगाया गया। चेतावनी दी गई कि यदि ऐसी पत्रकारिता नहीं रुकी तो लोकतांत्रिक बहिष्कार किया जाएगा।
ज्ञापन में समाज में जातीय तनाव फैलाने वाले व्यक्तियों पर एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई, स्वतंत्र जांच समिति के गठन और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने हेतु योजनाओं को सशक्त करने की मांग की गई।
इस दौरान एससी-एसटी युवा संघ प्रदेश अध्यक्ष राहुल पवारे, अजाक्स जिला अध्यक्ष सुनील चौरे, भीम आर्मी संभागीय अध्यक्ष महेंद्र काशिव, जयस जिला अध्यक्ष सत्यनारायण सुचार, भीम आर्मी जिला अध्यक्ष सुनील खंडेल सहित बड़ी संख्या में समाज के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि न्याय नहीं मिलने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।


