अखिलेश बिल्लौरे मो :- 9425638014
हरदा :- जिले के लिए कल का दिन ऐतिहासिक बनने जा रहा है। वर्षों से प्रतीक्षित शहीद इलापसिंह उद्वहन सिंचाई परियोजना का कार्य 27 नवंबर 2025 से औपचारिक रूप से शुरू होने जा रहा है। इस परियोजना को जिले के विकास में मील का पत्थर माना जा रहा है। स्वीकृति की घोषणा के बाद पूरे क्षेत्र में उत्साह की लहर दौड़ गई है और किसान इसे अपने भविष्य की सुरक्षा और कृषि के स्वर्णिम युग की शुरुआत के रूप में देख रहे हैं।
परियोजना के माध्यम से 118 गाँवों के हजारों किसान प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे। अब तक सिंचाई के अभाव में बारिश पर निर्भर रहने वाले किसानों को स्थाई सिंचाई सुविधा मिलने से कृषि उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है। क्षेत्र के किसानों ने इसे “पीढ़ियों की मांग पूरी होने जैसा दिन” बताया।
40,000 हज़ार हेक्टेयर भूमि होगी सिंचित — पहला पूर्ण सिंचित जिला बनेगा हरदा
किसानों के अनुसार लगभग 26,890 हेक्टेयर वह भूमि, जो अब तक नहर प्रणाली से नहीं जुड़ी थी और आउट कमान में आती थी, उसे इस परियोजना के माध्यम से जोड़ा गया है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस क्षेत्र को शामिल कर लगभग 40,000 हेक्टेयर (करीब 1 लाख एकड़) भूमि को स्थायी रूप से सिंचित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
यह कदम हरदा को मध्य प्रदेश का पहला पूर्ण सिंचित जिला बनाने की दिशा में सबसे बड़ा अध्याय साबित होगा। पूर्व कृषि मंत्री कमल पटेल ने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र की कृषि जीवनधारा को बदल देगी। किसानों ने भी उनके प्रयासों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना से उनकी फसलों की उपज बढ़ेगी, लागत कम होगी और प्राकृतिक जोखिमों पर नियंत्रण मिलेगा।
डबल इंजन सरकार यानी प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के संयुक्त प्रयासों से यह विशाल परियोजना संभव हो पाई है। किसानों का कहना है कि इस तालमेल की शक्ति का सीधा लाभ अब उन्हें मिलेगा।

कृषि अर्थव्यवस्था को नया आयाम — हरदा जिले में विकास का नया अध्याय
पूरे हरदा जिले में इस परियोजना को लेकर उत्साह चरम पर है। सिंचाई सुविधा में सुधार से न केवल फसल उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि जिले की कृषि अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। जहां पहले किसान मौसम की अनिश्चितता और बारिश के भरोसे रहते थे, अब स्थाई सिंचाई साधन उपलब्ध होने से खेती अधिक सुरक्षित और लाभकारी होगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि सिंचाई विस्तार के बाद हरदा जिले में खाद्यान्न उत्पादन में बड़े स्तर पर वृद्धि होगी, जिससे किसानों की आमदनी में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। कृषि क्षेत्र में यह बदलाव जिले को उत्पादन क्षमता, आर्थिक मजबूती और ग्रामीण विकास के नए स्तर पर ले जाएगा।

कुल मिलाकर, शहीद इलापसिंह उद्वहन सिंचाई परियोजना हरदा में कृषि और ग्रामीण विकास का नया इतिहास रचने जा रही है। किसानों की वर्षों पुरानी मांग पूरी हो रही है और पूरा जिला इस नई शुरुआत का साक्षी बनने के लिए उत्साहित है।



