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Thursday, January 15, 2026

जल संरक्षण में खंडवा ने रचा इतिहास — “जल संचय, जन भागीदारी” में देश में प्रथम स्थान, कावेश्वर पंचायत को राष्ट्रीय सम्मान…

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अखिलेश बिल्लौरे मो :- 9425638014

हरदा से भी जुड़ा है जिला पंचायत CEO नागार्जुन बी. गौड़ा का प्रेरक संबंध…

 

हरदा :- नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित 6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कार समारोह में मंगलवार का दिन मध्यप्रदेश के लिए गर्व का क्षण लेकर आया। “जल संचय, जन भागीदारी” अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए खंडवा जिले ने देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि न केवल जिले के प्रशासनिक नवाचारों की पहचान है, बल्कि सामुदायिक सहभागिता के उस मॉडल की भी मिसाल है जो जल संकट से जूझते क्षेत्रों के लिए प्रेरणा बनेगा।

 

मुख्य अतिथि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा को यह सम्मान प्रदान किया। इस राष्ट्रीय उपलब्धि के लिए खंडवा जिले को 2 करोड़ रुपये का पुरस्कार दिया गया है।

कावेश्वर पंचायत को मिला द्वितीय पुरस्कार…

 

इसी समारोह में खंडवा की कावेश्वर ग्राम पंचायत को ‘सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत’ श्रेणी में राष्ट्रीय स्तर पर द्वितीय पुरस्कार प्राप्त हुआ। पंचायत को 1.50 लाख रुपये की नगद राशि तथा ट्रॉफी प्रदान की गई। कावेश्वर पंचायत द्वारा किए गए उल्लेखनीय कार्यों में कावेरी नदी के उद्गम कुंड का जीर्णोद्धार, पहाड़ी क्षेत्र का “रिज टू वैली” सिद्धांत पर विकास, लगभग 50 हेक्टेयर क्षेत्र में कंटूर निर्माण, 55 गली प्लग, 35 पोखर तालाब, तथा हैंडपंप एवं बोरवेल रिचार्ज के अनेक नवाचार शामिल हैं, जिनकी देशभर में सराहना हुई।

 

नागार्जुन बी. गौड़ा — हरदा से जुड़े, ज्ञान और कार्यशैली के प्रतीक

 

खंडवा जिला पंचायत सीईओ डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा का रिश्ता हरदा जिले से भी विशेष रहा है, जहाँ वे अपर कलेक्टर के पद पर कार्यरत रहे। हरदा की जनता और प्रशासन उन्हें उनकी नीतिगत समझ, शांति, सरलता और पारदर्शी कार्यशैली के कारण आज भी याद करता है। उनकी एक और महत्वपूर्ण पहचान है — ‘एथिक्स’ पर लिखी गई पुस्तक, जो युवाओं के लिए प्रशासनिक तैयारी और नैतिक मूल्यों पर आधारित एक बहुमूल्य मार्गदर्शक मानी जाती है। यह पुस्तक देशभर में सिविल सेवा की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए प्रेरणा और दिशा प्रदान करती है।

 

डॉ. गौड़ा ने खंडवा में जल संरक्षण को केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं रहने दिया, बल्कि इसे जन आंदोलन का रूप दिया। ग्राम पंचायतों, सामाजिक संगठनों, युवाओं और ग्रामीणों को जोड़कर उन्होंने जल प्रबंधन का ऐसा मॉडल स्थापित किया जिसे अब राष्ट्रीय स्तर पर सराहा जा रहा है।

 

खंडवा जिला प्रशासन और कावेश्वर पंचायत की यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि ईमानदार नेतृत्व, मजबूत प्रशासनिक इच्छाशक्ति और जनभागीदारी मिलकर किसी भी जिले को देश में मिसाल बना सकते हैं।

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