अखिलेश बिल्लौरे मो :- 9425638014
हरदा। शहर के घंटाघर क्षेत्र में ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में पिछले 15 वर्षों से बिना किसी मानदेय के निरंतर सेवा दे रहे जगदीश मीणा आज आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। उनके समर्पण और निस्वार्थ भाव ने उन्हें हरदा का जाना-पहचाना चेहरा बना दिया है। चाहे तपती धूप हो या मूसलाधार बारिश, जगदीश मीणा ने हमेशा सड़क पर खड़े होकर जनता की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता दी। पुलिस और प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर उन्होंने व्यवस्था बनाए रखने में जो योगदान दिया है, वह किसी सरकारी कर्मचारी से कम नहीं रहा।

हरदा शहर का लगभग हर नागरिक उन्हें घंटाघर चौराहे पर यातायात को नियंत्रित करते हुए जानता है। जगदीश मीणा की निष्ठा और ईमानदारी ने शहर की पहचान को अनुशासन और व्यवस्था से जोड़ा है। लेकिन वर्तमान में उनका जीवन आर्थिक रूप से अत्यंत कठिन दौर से गुजर रहा है। बिना किसी सरकारी मानदेय या सहायता के वर्षों तक सेवा करते रहने के बाद आज उनके सामने परिवार के भरण-पोषण की समस्या उत्पन्न हो गई है।

उनकी इस स्थिति को देखते हुए हरदा विधायक डॉ. रामकिशोर दोगने ने पहल करते हुए कलेक्टर सिद्धार्थ जैन को पत्र लिखा है। पत्र में विधायक ने स्पष्ट कहा है कि जगदीश मीणा की निष्ठा और सेवाओं को देखते हुए उन्हें किसी शासकीय विभाग में मानदेय सहित पद प्रदान किया जाए, ताकि वे सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सकें। यह केवल एक व्यक्ति के सम्मान की बात नहीं है, बल्कि यह उन तमाम सेवाभावी नागरिकों के लिए प्रेरणा का उदाहरण बनेगा जो बिना स्वार्थ समाज के लिए काम कर रहे हैं।
स्थानीय जनता और सोशल मीडिया पर भी जगदीश मीणा के समर्थन में लहर दिखाई दे रही है। लोग कह रहे हैं कि ऐसे कर्मयोगी व्यक्ति को शासन द्वारा सम्मानित किया जाना चाहिए और स्थायी आर्थिक सहयोग मिलना चाहिए। जब कोई व्यक्ति 15 वर्षों तक बिना स्वार्थ समाज की सेवा करता है, तो शासन का यह दायित्व बनता है कि उसकी सेवाओं को मान्यता दी जाए।
हरदा की जनता का मानना है कि जगदीश मीणा को किसी शासकीय विभाग में नियुक्ति या मानदेय मिलना उनके जीवन का ही नहीं, बल्कि समाज की नैतिक जीत भी होगी। अब शासन और प्रशासन पर जिम्मेदारी है कि ऐसे निस्वार्थ सेवाभावी व्यक्ति को न्याय मिले, ताकि वह पुनः उसी उत्साह और समर्पण से शहर की सेवा करता रहे और समाज को प्रेरणा देता रहे।


