अखिलेश बिल्लौरे मो :- 9425638014
हरदा। जिले के रहटगांव थाना क्षेत्र के ग्राम
कचनार में दीपावली मेले के दौरान सार्वजनिक स्थल पर खुलेआम बंदूक से हर्ष फायरिंग का मामला सुर्खियों में है। यह घटना रविवार, 2 नवंबर 2025 की है, जब मेले में हजारों की भीड़ मौजूद थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपी का नाम संतुलाल सूर्यवंशी है, जो कि भीमपुर के ग्राम पाठ, जिला बैतूल का निवासी बताया जा रहा है।
आरोपी ने भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थल पर खुलेआम बंदूक से फायरिंग की, जिससे मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई, परंतु लोगों में दहशत फैल गई। खासकर ग्रामीण और आदिवासी समुदाय के लोग, जिन्होंने पहली बार ऐसे दृश्य देखे, भयभीत हो गए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें संतुलाल खुलेआम हर्ष फायर करता दिखाई दे रहा है।
मामले को लेकर चर्चा इसलिए भी गर्म है क्योंकि आरोपी खुद को एक राजनीतिक कार्यकर्ता बताता है और उसकी सोशल मीडिया डीपी (प्रोफाइल फोटो) पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और भारतीय जनता पार्टी के प्रतीक चिन्ह (कमल का फूल) के साथ तस्वीर लगी हुई है। यही वजह है कि स्थानीय लोगों का आरोप है कि राजनीतिक रसूख के कारण अब तक आरोपी पर कोई FIR दर्ज नहीं की गई है।
कानूनी पक्ष:
कानून के जानकारों का कहना है कि सार्वजनिक स्थल पर हथियार से गोली चलाना भारतीय दंड संहिता की धारा 336, 337, 338 के तहत दंडनीय अपराध है। इसके अलावा आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के अंतर्गत भी यह गंभीर अपराध माना जाता है। ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज कर आरोपी की गिरफ्तारी अनिवार्य होती है।
जनता की मांग:
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों के साथ -साथ भीम आर्मी के नर्मदा पुरम संयोजक महेंद्र काशिव मेहरा द्वारा प्रशासन से आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि चाहे व्यक्ति कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून सबके लिए समान होना चाहिए। यदि ऐसे मामलों में कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा और बढ़ जाएगा। लाइसेंस निरस्त के साथ-साथ FIR दर्ज हो, पूरी कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाये।
प्रशासनिक स्थिति:
सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने घटना की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है और वायरल वीडियो के आधार पर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। रहटगांव थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की जांच चल रही है, और दोषी पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि क्या राजनीतिक प्रभाव कानून से ऊपर है, या प्रशासन निष्पक्ष रहकर न्याय करेगा? जनता अब इस घटना में ठोस कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रही है।


