अखिलेश बिल्लौरे मो :- 9425638014
ढाबा संचालकों ने बना रखा है शराबियों का अड्डा…

हरदा। शहर की छीपानेर रोड पर इस समय शराब माफियाओं का बोलबाला देखने को मिल रहा है। शाम ढलते ही इस मार्ग पर बने लगभग सभी छोटे-छोटे ढाबों पर अवैध रूप से शराब की बिक्री खुलेआम की जा रही है। इनमें प्रमुख रूप राजपूत ढाबा, संगम ढाबा, जलसा ढाबा सहित सभी ढाबा संचालकों का नाम सामने आ रहा है, जो न केवल शराब बेचते है बल्कि ग्राहकों के बैठने और शराब पीने की पूरी व्यवस्था भी करते है। ढाबे पर बिंदास शराब सेवन का दौर चलता है, मानो कानून का कोई डर ही नहीं रह गया हो।

शराबियों से बाधित यातायात, परेशान आमजन…
इन ढाबों पर शराब पीने आने वाले लोग अपनी गाड़ियाँ सड़क पर खड़ी कर देते हैं, जिससे आवागमन में लगातार बाधा उत्पन्न होती है। राहगीरों, महिलाओं और स्कूली बच्चों को इन शराबियों के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार सड़क पर झगड़े और गाली-गलौज की स्थिति भी देखने को मिलती है। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि उन्होंने कई बार पुलिस और आबकारी विभाग को शिकायत दी, लेकिन किसी भी स्तर पर कार्रवाई नहीं की गई। इससे लोगों में आक्रोश और असुरक्षा की भावना बढ़ती जा रही है।

पुलिस-आबकारी विभाग पर उठे सवाल, प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग
आमजन का कहना है कि बिना पुलिस और आबकारी विभाग की मिलीभगत के इतनी बड़ी स्तर पर अवैध शराब बिक्री संभव नहीं है। यदि संबंधित विभाग सख्ती से कार्रवाई करें तो ये ढाबे एक दिन भी नहीं चल सकते। लेकिन अफसरों की “चुप्पी” ने इस अवैध कारोबार को और बढ़ावा दिया है। नागरिकों का कहना है कि ऐसा प्रतीत होता है जैसे जिम्मेदार अधिकारी जानबूझकर आंखें मूंदे बैठे हैं। अब हरदा का आमजन जिला कलेक्टर सिद्धार्थ जैन और पुलिस अधीक्षक की ओर उम्मीद भरी निगाहों से देख रहा है कि वे इस मामले में त्वरित कार्रवाई कर अवैध शराब विक्रय पर रोक लगाएं और कानून का राज स्थापित करें।
छीपानेर रोड का यह “शराब गलियारा” न केवल हरदा शहर की छवि को धूमिल कर रहा है बल्कि युवाओं को भी गलत राह की ओर धकेल रहा है। समय रहते जिला प्रशासन और पुलिस ने कठोर कदम नहीं उठाए तो आने वाले समय में यह समस्या और भयावह रूप ले सकती है।
शराबियों के द्वारा राह चलती महिलाओं एवं लड़कियों के साथ अश्लील हरकत, इशारेबाजी, भद्दे कमेंट्स एवं गाली गलौज की वारदातें रोज सामने आ रही हैं।यही नहीं बल्कि एक्सीडेंट की मामले भी लगातार ढाबों के सामने हो रहे हैं।ढाबा संचालकों के द्वारा लगभग छोटे-छोटे 10 फीट मकान गुमठी जैसे लगभग जगहों में अपना धंधा बेधड़क संचालित कर रहे हैं। जिस पर कानूनी कार्रवाई नहीं देख रही। कानून व्यवस्था की बात करें तो लोगों के अनुसार यह किसी से छुपी नहीं है कि बिना पुलिस एवं आबकारी विभाग की साठ-गांठ के इस प्रकार के अवैध धंधे चलाना संभव ही नहीं है। जांच की बात करें तो जितने भी संचालित हो रहे हैं उनकी नियमानुसार जांच की जाना चाहिए कई ढाबे अवैध संचालित हो रहे हैं।
क्या कहना है पुलिस अधीक्षक का :-
हरदा जिले में कानून व्यवस्था बिल्कुल बरकरार रहेगी और पुलिस उसमें कोई कसर नहीं छोड़ेगी। जहां तक अवैध शराब एवं अवैध कारोबारियों की बात है, बिल्कुल उन पर शिकंजा कसने के लिए मैंने अपना नंबर सार्वजनिक रूप से सबको दे चुका हूं। अपील भी करता हुँ कि जिस किसी आमजन को कोई भी अवैध काम या गलत होते दिखाई दे,सीधा मुझसे (पुलिस अधीक्षक ) को सूचित कर सकते हैं। तुरंत पुलिस इन डाबो पर पहुंचेगी।


