25.7 C
Harda
Thursday, January 15, 2026

खतरों का खिलाड़ी – सर्प मित्र दिनेश चंदेल — हरदा जिले का वह निस्वार्थ पर्यावरण प्रहरी जो जीवन जोखिम में डालकर बचाता है दूसरों की जान…

Must read

वास्तव में खतरों का खिलाड़ी है, दिनेश चंदेल… पढ़िए खबर जो आपको जाना जरूरी है।

 

अखिलेश बिल्लोरे मो :- 9425638014

हरदा जिले के ग्राम पलासनेर में रहने वाले दिनेश चंदेल को लोग प्यार से “खतरों का खिलाड़ी” और “सर्प मित्र” के नाम से जानते हैं। यह नाम उन्होंने शोहरत के लिए नहीं, बल्कि अपने निस्वार्थ सेवा भाव और अद्भुत साहस से अर्जित किया है। दिनेश चंदेल वह व्यक्ति हैं जो दूसरों की सुरक्षा के लिए हर दिन मौत से खेलते हैं, लेकिन उनके चेहरे पर कभी डर नहीं होता। उनका काम है – सांपों और अन्य विषैले जीवों को पकड़कर सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ना।

 

दिनेश चंदेल का यह मिशन कोई साधारण कार्य नहीं है। हरदा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में जब भी किसी के घर, खेत या गांव में कोबरा, अजगर या करैत जैसे जहरीले सांप निकल आते हैं, तो लोग सबसे पहले दिनेश चंदेल को ही याद करते हैं। दिनेश बिना देर किए मौके पर पहुंच जाते हैं — चाहे दिन हो या रात, बारिश हो या आंधी। वे बिना किसी शुल्क के, पूरी मानवता और पर्यावरण संरक्षण की भावना से प्रेरित होकर इस कार्य को अंजाम देते हैं।

 

उनका कहना है कि — “सांप हमारे दुश्मन नहीं हैं, वे भी प्रकृति का हिस्सा हैं। उनका काम चूहों और कीड़ों को नियंत्रित करना है, जिससे हमारी फसलें सुरक्षित रहती हैं। हमें उनसे डरने के बजाय उन्हें समझना चाहिए।”

आज सुबह ग्राम बीड़ में अंतिम भाई के घर कोबरा स्नेक का रेस्क्यू…

दिनेश चंदेल ने अब तक सैकड़ों विषैले सांपों और जीवों को सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा है। वह वन विभाग की टीम के साथ मिलकर भी काम करते हैं और कई बार उन्होंने ऐसे रेस्क्यू किए हैं जिनमें जान का जोखिम बहुत अधिक था। कई बार कोबरा के फन के सामने खड़े होकर उन्होंने उसे शांत किया है, कई बार खेतों में छिपे अजगरों को सावधानी से पकड़ा है।

 

उनकी यह बहादुरी और सेवा भावना अब पूरे जिले में मिसाल बन चुकी है। बच्चे-बूढ़े, महिलाएं — सब जानते हैं कि अगर कोई सांप घर में आ जाए तो “दिनेश चंदेल को बुलाओ, सब ठीक हो जाएगा।”

लेकिन जो बात उन्हें सबसे खास बनाती है, वह है उनका निस्वार्थ भाव। वे किसी से कोई शुल्क नहीं लेते, न ही इस काम से प्रसिद्धि की अपेक्षा रखते हैं। उनके लिए यह केवल एक “सेवा” है — जीवों के प्रति प्रेम और मानवता की रक्षा का कर्तव्य।

 

दिनेश चंदेल जैसे लोग समाज के असली हीरो हैं — जो न तो चमक-दमक चाहते हैं, न ही इनाम। वे बस प्रकृति और जीवन की रक्षा के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगाते हैं। हरदा जिले को उन पर गर्व है, क्योंकि ऐसे सच्चे सर्प मित्र न केवल इंसानों की जान बचाते हैं, बल्कि प्रकृति के संतुलन को भी बनाए रखते हैं।

 

वास्तव में, दिनेश चंदेल “खतरों के खिलाड़ी” नहीं, बल्कि “जीवन के रक्षक” हैं।

उन्होंने दि हरदा जंक्शन को अपना मोबाइल नंबर दिया है ताकि लोगों तक पहुंच सके और एक सर्प मित्र के तौर पर वह लोगों की मदद कर सके। उनका नंबर +91 99269 62835 है।

खबर लिखें जाने तक आज ही उन्होंने ग्राम बीड़ में अंतिम भाई के घर कोबरा स्नेक का रेस्क्यू किया है।

 

जिला प्रशासन की ओर से अभी तक दिनेश चंदेल के लिए कोई राहत या अन्य साधनों के साथ-साथ उन्हें सही जगह नहीं मिल पाई है। जब हमने उनसे संपर्क किया और अपनी आर्थिक स्थिति के बारे में जानना चाहा तो उन्होंने बताया कि वह मजदूरी का कार्य करते हैं। जहां पर भी वह रेस्क्यू करने के लिए पहुंचते हैं लोग उन्हें गाड़ी में पेट्रोल के लिए मदद करते हैं एवं कुछ लोग तो वह भी नहीं करते इसमें वन विभाग की बड़ी जिम्मेदारी बनती है। उन्हें आर्थिक मदद की आवश्यकता है, क्योंकि वह मजदूरी करने वाला व्यक्ति है। खैर जिला प्रशासन को दिनेश चंदेल के पक्ष में कुछ अच्छा कदम उठाना चाहिए जिससे उसकी मदद हो सके।

- Advertisement -spot_img

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img

Latest article