अखिलेश बिल्लोरे/हरदा
मो :- 9425638014
स्वर्णकार समाज की महिलाओं ने हर्षोल्लास से मनाया आंवला नवमी पर्व…
हरदा। स्वर्णकार (सोनी) समाज की महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ आंवला नवमी का पावन पर्व मनाया। कार्यक्रम की संयोजिका एवं समाज की सांस्कृतिक प्रभारी श्रीमती सुधा सोनी ने बताया कि यह पर्व महिलाओं द्वारा धर्म, परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक माना जाता है। समाज की सभी महिलाओं ने एक साथ आंवले के पेड़ के नीचे बैठकर पूजा-अर्चना की और सामूहिक रूप से भोजन प्रसाद ग्रहण किया।
धार्मिक परंपरा और एकता का संगम…
आंवला नवमी का पर्व भारतीय संस्कृति में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह दिन आंवले के वृक्ष की पूजा के लिए समर्पित होता है, क्योंकि इसे श्री विष्णु का प्रिय वृक्ष कहा गया है। मान्यता है कि इस दिन आंवला के पेड़ की पूजा करने और उसके नीचे भोजन करने से समृद्धि, स्वास्थ्य और संतति सुख की प्राप्ति होती है। महिलाओं ने परंपरागत वेशभूषा में एकत्र होकर उपवास रखा और पूरे उत्साह के साथ पूजा संपन्न की। कार्यक्रम में दिवाली के बाद यह पहला सामाजिक मिलन समारोह भी रहा, जिसमें आपसी सौहार्द और एकता का सुंदर संदेश देखने को मिला।
समाज की महिलाओं ने दिया एकता और संस्कार का संदेश
कार्यक्रम में समाज की संरक्षिका एवं पूर्व प्राचार्य श्रीमती कमला सोनी, श्रीमती सुनीता सोनी, सीमा सोनी, अल्का सोनी, रानी सोनी, मनीषा सोनी, गरिमा सोनी, मेघा सोनी, नित्या सोनी, ज्ञानवी सोनी सहित अनेक महिलाएं उपस्थित रहीं। सभी ने निर्णय लिया कि भविष्य में भी इसी तरह समाज के सांस्कृतिक व धार्मिक कार्यक्रम सामूहिक रूप से आयोजित किए जाएंगे, जिससे समाज में एकता, अपनापन और संस्कारों की निरंतरता बनी रहे।
आंवला नवमी केवल पूजा का पर्व नहीं, बल्कि यह महिलाओं के एकत्रित होकर संस्कृति और समाज में प्रेम व सहयोग के भाव को पुनर्जीवित करने का दिन है।


